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राह पर लौटें
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एक मकसद है, और उसे लोग चाहिए। आप:
शामिल हैं। ऐसी ही किसी चीज़ का इंतज़ार पूरी ज़िंदगी रहा है।
यह जानना चाहिए कि पैसा क्या मिलेगा और गोली कोई चला तो नहीं रहा।
उसकी कमान पहले से आपके हाथ है, और दो साल से।
यह जानना चाहिए कि कमान किसके हाथ है और वे आपकी हिफ़ाज़त कर पाएँगे या नहीं।
रात को नींद किस बात से नहीं आती:
कोई, जिसकी ज़िम्मेदारी आपकी थी, और आपसे नहीं निभी।
कि निकल आना सही था या नहीं, और अब भी भीतर कौन है।
एक काम जो हाथ में ले लिया और जिसे मना कर देना चाहिए था।
कमोबेश हर चीज़। पूरी की पूरी। हर वक्त।
आप कहाँ से हैं:
कोई छोटी और हर चीज़ से दूर जगह, जिसे छोड़ना पड़ा।
एक ऐसा घराना जिसका नाम है, उम्मीदें हैं और एक सार्वजनिक भूमिका भी।
एक ऐसी संस्था जिसने आपको पाला और सिखाया कि क्या बनना है।
ऐसी जगह से जिसकी चर्चा नहीं होती, और बेहतर यही कि लोग पूछना बंद कर दें।
डर के साथ क्या किया जाता है?
एक मज़ाक, और फिर काम तो हो ही जाता है।
गुस्से में उसके आगे आ जाना, ताकि वह आपके आगे न आ सके।
सच कहें तो भाग जाना। और फिर पलटना, और मुश्किल हिस्सा वही है।
उसे लंबा-चौड़ा बयान कर देना, आसपास के हर शख्स से।
वह चीज़ जो चाहिए पर खुलकर नहीं कही जाएगी?
कि आखिर में कोई बनकर निकलें। सच में कोई।
कि दोबारा किसी को न खोना पड़े, कीमत चाहे जो हो।
कि इसे किसी बेहतर को सौंपकर रुकने की इजाज़त मिल जाए।
कि इतने काम के हों कि कोई पीछे न छोड़ जाए।
योजना को लेकर अपना तरीका चुनें:
कोई योजना नहीं है। आप हैं, और मौके पर गढ़ लिया जाएगा।
एक योजना है। वह आपने लिखी। दूसरी भी आपने ही लिखी।
उस पर चला जाएगा, और गलत हुई तो कह भी दिया जाएगा।
काम जैसा बताया गया वैसा ही होता है। हामी उसी बात की भरी थी।
आपके बारे में लोग किस बात को कम आँकते हैं:
कि इसमें प्रतिभा से ज़्यादा ज़िद कितनी है।
कि आपकी आमद होती है। देर से, शिकायत करते हुए, पर होती है।
कि उनसे मिलने से पहले का कितना बोझ आज भी आप पर है।
कि यह आपने चुना। किसी ने मजबूर नहीं किया।
किसी को एक कड़वा सच सुनाना है। आप:
एक वाक्य में कह दें, और उसके बाद कमरे में ही रुकें।
सबसे बुरे पल पर कह दें, क्योंकि आखिरकार वह सच है।
कुछ न कहें। जिस काम के लिए रखा गया था, यह वह नहीं है।
हफ़्ता भर उसकी फ़िक्र करें, और फिर बुरी तरह उगल दें।
किस बात से पूरी ज़िंदगी बदल दी जाएगी?
एक संदेश। ज़रा-सा भी कोई इशारा कि कुछ और भी मौजूद है।
उस शख्स को खो देना जिसके इर्द-गिर्द पूरी ज़िंदगी सजाई थी।
एक बार, ठीक-ठीक यह देख लेना कि आपका हिस्सा किस चीज़ में था।
एक बच्चा। कोई नन्हा-सा, जिसे ज़िंदा रखना अब आपका काम है।
जिन्हें आपकी ज़रूरत है, उनसे आपका रिश्ता:
जाने की बात कही जाती है। सालों से कही जा रही है।
पहले वे आते हैं, और इस पर आपने कभी गंभीरता से सवाल नहीं उठाया।
दूरी बनी रहती है। पिछली बार नज़दीकी हुई तो बात बुरी तरह बिगड़ी।
जुड़ाव फ़ौरन और पूरा हो जाता है, और फिर घबराहट चलती रहती है।
आखिरकार कोई सच्ची बात कह देता है। आपको चाहिए:
“यह अलग हो सकता है, यकीन आपको ही था।”
“आपकी वापसी हुई। किसी को यह उम्मीद नहीं थी।”
“सब कुछ इसलिए टिका रहा कि उसे आपने थाम रखा था।”
“भीतर अब भी आपका कुछ बचा हुआ है।”
आपकी कहानी का अंत:
किसी नौजवान को सौंपकर पीछे हट जाना।
जो अब भी वहीं हैं जहाँ कभी आपकी जगह थी, उनके लिए लौट जाना।
आखिरी एक काम, और फिर कोई शांत जगह। इस बार सच में।
आपकी मौजूदगी आज भी वहीं है, पीछे कहीं, यह सब झेलने के बाद भी।
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आपका खोजी
जो बदलेंगे, वह राह पर उसी वक्त दिखने लगेगा।
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डिज़ाइन
रेन
नोवा
लियाना
फ़्लक्स
रंग
कोट
पैक का रंग
टोपी
पैक
हो गया